galib - unknown title lyrics
unknown title
होता है निहां गर्द में, सेहरा मेरे होते,
घिसता है जबीं खाक पे दरिया मेरे आगे,
बगीचा-ए-अत्फ्ल है दुनिया मेरे आगे,
होता है शब्-ओ-रोज तमाशा मेरे आगे,
इक खेल है औरंग-ए-सुलेमान मेरे नजदीक,
इक बात है एजाज़-ए-मसीहा मेरे आगे,
जुज़ नाम नहीं सूरत-ए-आलम मुझे मंज़ूर,
जुज़ वहां नहीं हस्ती-ए-आशिया मेरे आगे,


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