Anna German - Vy' khoteli mne chto-to skazat' (Вы хотели мне что-то сказать) (Hindi translation)

Hindi translation

क्या कुछ कहना चाहते थे तुम?

शरद के आग से जलते वृक्ष,
और उन पर मद्दम गिरती बारिश,
अब यह सब बस आम से लगते हैं।
कहते हैं कि प्यार यूँही नहीं हूता!
पत्तियाँ गिर जाती हैं, बूंदें मुसकाती हैं,
कहते हैं वह सावन1 फिर न लौटेगा,
क्या कुछ कहना चाहते थे तुम,
या थी यह बस मेरी कल्पना?
 
पत्तियाँ अब भी नारंगी हैं!
शीत की हवा पर बह गई है2
यूँ तो कुछ थोपना जायज़ नहीं,
पर तुम बचकर चले इकरार से,
क्या कुछ कहना चाहते थे तुम,
या थी यह बस मेरी कल्पना?
 
यूँ तो प्यार थोपना जायज़ नहीं,
पर अब तो शीत का अंधेरा है,3
क्या कुछ कहना चाहते थे तुम,
या थी यह बस मेरी कल्पना?
 
  • 1. वास. ग्रीष्म
  • 2. वास. शीत ऋतु आ गई है।
  • 3. वास. गाना समाप्त हो गया है।
Submitted by SAKAE on Sun, 22/10/2017 - 03:57
Added in reply to request by Hades21
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Vy' khoteli mne chto-to skazat' (Вы хотели мне что-то сказать)

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