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Urdu

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होता है निहां गर्द में, सेहरा मेरे होते,
घिसता है जबीं खाक पे दरिया मेरे आगे,

बगीचा-ए-अत्फ्ल है दुनिया मेरे आगे,
होता है शब्-ओ-रोज तमाशा मेरे आगे,

इक खेल है औरंग-ए-सुलेमान मेरे नजदीक,
इक बात है एजाज़-ए-मसीहा मेरे आगे,

जुज़ नाम नहीं सूरत-ए-आलम मुझे मंज़ूर,
जुज़ वहां नहीं हस्ती-ए-आशिया मेरे आगे,

Kűldve: pgautam.phy.du@gmail.com Csütörtök, 19/04/2012 - 17:15
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MayGoLoco     április 19th, 2012

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