J'ai besoin de parler (Hindi translation)

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French

J'ai besoin de parler

Tu rentres du bureau
Tu te sers un whisky
Parce que t´en as plein l´dos
De t´battre avec la vie
Tu me prends dans tes bras
Mais tu m´demandes même pas
Comment ça va
Tu t´assois dans ton coin
Tu ne me dis jamais rien
Tu penses à tes affaires
C´est ton seul univers
Tellement qu´j´me dis parfois
Que si j´n´étais pas là
Tu t´en apercevrais même pas
Tu t´en apercevrais même pas
 
{Refrain:}
J´ai besoin de parler
De parler à quelqu´un
À quelqu´un qui voudrait
Simplement m´écouter
J´ai besoin moi aussi
De parler de ma vie
Si ce n´est pas à toi
Dis-moi à qui?
J´ai besoin de parler
Besoin de te parler
Pour savoir où j´en suis
De ma vie avec toi
J´en suis même arrivée
Jusqu´à me demander
Est-ce que je t´aime
Autant qu´avant?
 
Tu te lèves toujours tôt
Tu dévores tes journaux
Tout s´qui s´passe entre nous
On dirait que tu t´en fous
Mais s´qui s´passe
En Iran ou en Afghanistan
Ça, ça te passionne
 
Et quand tu n´téléphones
Au milieu d´la journée
C´est pour me demander
C´que j´ai fait pour dîner
Mais qu´est c´que tu dirais
Si un soir tu rentrais
Et tu ne trouvais plus personne
Non, tu ne trouvais plus personne
{au Refrain, 2x}
 
Submitted by kubesebakubeseba on Wed, 03/10/2012 - 13:11
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Hindi translation

मुझे बात करने की जरूरत है

दफ्तर से वापस आते ही
तुम अपने लिए विस्की बनाते हो
क्योंकि तुम्हारी परेशानियों हद से ज़्यादा बढ़ चुकी हैं
जिंदगी से संघर्ष करते हुए
तुम मुझे अपनी बाहों में लेते हो
लेकिन तुम मुझसे पूछते भी नहीं
कि मैं कैसी हूँ
तुम अपने कोने में बैठे रहते हो
तुम मुझसे कोई बात नहीं करते
तुम अपनी चीजों के बारे में सोचते रहते हो
यह तुम्हारी एकमात्र दुनिया है
यह सिलसिला इतना बढ़ चूका है कि मैं कभी-कभी सोचती हूँ कि
अगर मैं वहां नहीं होती
तो तुम्हे पता भी नहीं चलता
तो तुम्हे पता भी नहीं चलता
 
{टेक :}
मुझे बात करने की जरूरत है
किसी से बात करने के लिए
जो कोई चाहेगा
बस मेरी बात सुनो
मुझे भी ज़रूरत है
कि मैं अपनी ज़िंदगी की किसी से बात करूँ
अगर वह तुम नहीं हो
तो बताओ किस से ?
मुझे बात करने की जरूरत है
तुम से बात करने की जरूरत है
यह जानने के लिए कि कहाँ खड़ी है
मेरी ज़िंदगी तुम्हारे साथ
यहां तक कि
मैं पूछने लगी हूँ
क्या मैं तुमसे प्यार करती हूँ?
पहले जितना?
 
तुम हमेशा जल्दी उठ जाते हो
तुम अपने अखबारों को चाव से पढ़ते रहते हो
जो कुछ भी हमारी ज़िंदगी में घट रहा है
लगता है तुम्हे उसका कोई फर्क नहीं पड़ता
लेकिन क्या हो रहा है?
ईरान या अफगानिस्तान में
वह तुम्हे भावुक कर देता है
 
और जब कभी तुम मुझे फोन भी करते हो
दिन के दौरान
तो बस यह पूछने के लिए कि
मैंने रात के खाने के लिए क्या पकाया है
लेकिन तुम क्या कहोगे
अगर एक रात जब तुम घर वापस आओ
और तुम्हे कोई भी नहीं मिला
नहीं, तुम्हे कोई भी नहीं मिला
{कोरस, 2x}
 
Submitted by Ramesh MehtaRamesh Mehta on Fri, 15/03/2019 - 10:54
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