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So Purkh (Hindi translation)

  • Artist: Nirinjan Kaur
  • Song: So Purkh 4 translations
  • Translations: English, Hindi, Russian, Transliteration

So Purkh

Waheguru
Raag aasaa mehela chauthaa So Purkh
Ik ong kar sat gur parsaad
So purkh niranjan har purakh niranjan har agmaa agam apaaraa.
Sabh dhi-aavaheh sabh dhi-aavaheh tudh jee har sachay sirjanhaaraa.
Sabh jee-a tumaaray jee too(n) jee-aa kaa daataaraa.
All souls are one with You. All souls come from You.
Har dhi-aavahu santahu je sabh dookh visaaranhaaraa.
Har aapay thaakur har aapay sayvak jee ki-aa naanak jant vichaaraa.
Too(n) ghat ghat antar sarab nirantar jee har ayko purakh samaanaa.
Ik daatay ik bhaykhaaree jee sabh tayray choj vidaanaa.
Too(n) aapay daataa aapay bhugtaa je ha-o tudh bin avar na jaanaa.
Too(n) paarbrahm bay-ant bay-ant jee tayray ki-aa gun aakh vakhaanaa.
Jo sayveh jo sayveh tudh jee jan naanak tin kurbaanaa.
Har dhi-aavaheh har dhi-aavaheh tudh je say jan jug meh sukhvaasee.
Har dhi-aavaheh har dhi-aavaheh tudh je say jan jug meh sukhvaasee.
Say mukat say mukat bhaa-ay jin har dhi-aa-i-aa jee tin tootee jam kee faasee.
Jin nirbha-o jin har nirbha-o dhi-aa-i-aa jee tin kaa bha-o sabh gavaasee.
Jin nirbha-o jin har nirbha-o dhi-aa-i-aa jee tin kaa bha-o sabh gavaasee.
Jin sayvi-aa jin sayvi-aa mayraa har jee tay har har roop samaasee.
Say dhan say dhan jin har dhi-aa-i-aa jee jan naanak tin bal jaasee.
Tayree bhagat tayree bhagat bhandaar jee bharay bi-ant bay-anta.
Tayray bhagat tayray bhagat salaahan tudh jee har anik anayk anantaa.
Tayree anik tayree anik karahi har poojaa jee tap taapeh jaapeh bay-antaa.
Tayray anayk tayray anayk parheh baho simrit saasat jee kar kiri-aa khat karam karantaa.
Say bhagat say bhagat bhalay jan naanak jee jo bhaaveh mayray har bhagvantaa
Too(n) aad purakh aprampar kartaa je tudh jayvad avar na ko-ee.
Too(n) jug jug ayko sadaa sadaa too(n) ayko jee too(n) nihachal kartaa so-ee.
Tudh aapay bhaavai so-ee vartai jee too(n) aapay karahi so ho-ee.
Tudh aapay srist sabhu upaa-ee jee tudh aapay siraj sabh go-ee.
Jan naanak gun gaavai kartay kay jee jo sabhsai kaa jaano-ee.
 
Submitted by Alexander ListengortAlexander Listengort on Thu, 14/11/2019 - 18:17
Hindi translationHindi
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सो पुरख

वाहेगुरु
रागु आसा महला ४ सो पुरखु
एक ओअंकार सतिगुर प्रसाद
वह परमात्मा सब में मौजूद है और माया के प्रभाव से मुक्त है , दुर्गम है और असीम है ।
हे सदा कायम रहने वाले और सभी जीवों को पैदा करने वाले प्रभु ! सारे जीव तुझे हमेशा याद करते हैं, तेरा ध्यान करते हैं। हे प्रभू! सारे जीव तुझ से आए हैं, तू ही सभी जीवों का मालिक है।
हे संत जनों! उस प्रमात्मा को कभी मत भूलो , वह सारे दुखों का नाश करने वाला है। क्योंकि वह सभी जीवों में विद्यमान है, इसलिए खुद ही मालिक है और खुद ही सेवक है। हे नानक! उस के बिना किसी का क्या अस्तित्व हो सकता है ? उस परमसत्ता से अलग किसी भी जीव का कोई वजूद नहीं
हे प्रभु ! तू प्रत्येक शरीर में विद्यमान है, तू सारे जीवों में एक रस मौजूद है, तू एक खुद ही सब में समाया हुआ है। फिर भी, कई जीव दानी हैं, कई जीव भिखारी हैं– ये सारे तेरे ही आश्चर्यजनक तमाशे हैं, क्योंकि असल में, तू स्वयं ही सबकुछ देता है , तथा, स्वयं ही वस्तुओं का उपयोग करता है। सारी सृष्टि में मुझे तेरे बिना और कोई नहीं दिखाई देता।
मैं तेरे किस-किस से गुण को गा कर सुनाऊँ ? तू असीम पारब्रह्म है। हे प्रभू! जो मनुष्य तुझे याद करता है,और तुझ पर ही जिनका ध्यान रहता है, तेरा दास नानक उसे सर्वोत्तम और अनमोल मानता है
हे प्रभू जी! जिन लोगों का ध्यान तुझ पर रहता है , वो लोग अपनी जिंदगी में सुख का आनंद लेते हैं।
जो प्रभु की याद को हमेशा अपने मन में बसाए रखते हैं, वे हमेशा के लिए माया के बंधनों से मुक्त हो जाते हैं, मृत्यु का भय उनके मन से हट जाता है। जो लोग सदैव उस प्रभू की याद में रहते हैं जो डर से परे है प्रभु उनका सारा डर दूर कर देता है।
जिन जीवों ने प्यारे प्रभू को हमेशा स्मरण किया है, वो प्रभू में ही लीन हो गये हैं। सौभाग्यशाली हैं वे मनुष्य, धन्य हैं वह लोग, जिन्होंने प्रभू का नाम सिमरा है। दास नानक उनके गुण गाता है।
हे प्रभू! तेरी भक्ति के असीम खजाने भरे पड़े हैं। हे हरी! तेरेअसंख्य भक्त तेरी महिमा का गुणगान कर रहे हैं। हे प्रभू! अनेकों जीव तेरी पूजा करते हैं। अनेकों जीव तुझे मिलने के लिए तप साधना करते हैं। तेरे अनेकों प्रेमी कई समृतियां व शास्त्र पढ़ते हैं और उनके बताए हुए धार्मिक कर्म व और क्रिया करते हैं।
हे दास नानक! पर तू उन्ही भगतों को मिलता है जो सबकुछ तुझ पर छोड़ देते हैं
हे प्रभू ! तू पूरे जगत का मूल है। सब में व्यापक है,असीम है, सब तुझ से पैदा होते हैं और तेरे बराबर का और कोई नहीं है क्योंकि तू ही है । प्रत्येक युग में एक स्वयं तू ही है, तू सदैव ही स्वयं ही स्वयं है, तू सदैव रहता है तू है तो सभी जीव हैं और तू ही सबका पालनकर्ता है
हे प्रभू! जगत में वही होता है जो तू चाहता है । वही होता है जो तू स्वयं करता है।
हे प्रभू! तू सारी सृष्टि का रचयिता है । तुझसे ही सभी आते हैं और तुझमें ही सब समा जाते हैं ।
दास नानक उस करतार के गुण गाता है जो प्रत्येक जीव के दिल का ज्ञाता है।
 
Submitted by Ramesh MehtaRamesh Mehta on Thu, 05/12/2019 - 07:09
Author's comments:

हम खुद को परमात्मा से पृथक समझते हैं और यही हमारे दुखों की वजह है। जिन्होनें परमात्मा का रहस्य जान लिया है, वे हमें समझातें हैं की हम खुद को समझने की गल्ती कर रहें हैं। हम वह नहीं हैं जो हम समझ रहे हैं। हम पूरे अस्तित्व से जुड़े हुए हैं और अपने आप में कुछ भी नहीं हैं। जब तक हम खुद को अस्तित्व से नहीं जोड़ पाते, जीवन हमारे लिए बोझ बन जाता है और सबकुछ निरर्थक लगता है। हम अपने ध्यान से अस्तित्व से खुद को जुड़ा हुआ पा सकते हैं क्योंकि वही हमारी असली पहचान है। हमें सब कुछ अस्तित्व से मिला है, कुछ भी ऐसा नहीं जो हमनें खुद बनाया है। जिस क्षण हम पूरी तरह से सबकुछ अस्तित्व पर छोड़ देते हैं हमारा परमात्मा से मिलन हो जाता है और वही हमारी असली पहचान है। प्रत्येक प्राणी की अपने अपने ढंग से ख़ुशी पाने की तलाश भी अपनी असली पहचान को ढूंढ़ने की तलाश है। जिन्होंने जाना है वे हमें बतातें हैं कि यह तलाश तभी पूरी होती है जब जीव को यह समझ आ जाती है कि वह अलग से कुछ भी करने का सामर्थ्य नहीं रखता और जीव खुद को पूरी तरह से परमात्मा को सौंप देता है और कुछ भी बचा कर नहीं रखता।

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