Geryanek (हिंदी में अनुवाद)

Kurdish (Kurmanji)

Geryanek

Havîn bû çûm Şingalê
Hejîra li dem nûbarê
Min dît li wirê ciwanek
Awir dida ji alek
Min gotê: "keça kê yî?"
Torina kîj malê yî?
Tu gula kîj bexçê yî?
Nêrgîza serê kê yî?
Lawo ez Kurdistan im
Xuştivîya Kurdan im
Evîndara şêran im
Ketime dest nezanan
 
Ez geriyam çûm Amedê
Cihê pîran û befrê
Nalînake wî dihêtin
Birîndar e xwîn jê dihêtê
Min gotê: kewê kê yî?
Çima li nav befrê yî
Brîndarê destê kê yî?
Xwîndarê destê kê yî?
Ez dengê Şêx Seîd im
Ji bo Kurdistan mirîd im
Bê kes û bê xwedan im
Ketime dest neyaran
 
Çûm Mehabadê geriyam
Wek dara bîyê weryam
Darek di dest zarokan
Pêdikirin yariya bûkan
Min gotê: Tu çi dar î?
Wek rebena li vî warî
Tu li kolanan dixişandin
Ji nîvê re tu şikandin
Lawo ez dar ala bûm
Navbera çarçira bûm
Ez qibleya Kurdan bûm
Ketime dest nemerdan
 
Payîz bû çûm Rojava
Ser deşt û ber der ava
Min dît li wirê şûxek
Berda dilê min dûxek
Min gotê: Keça kê yî?
Dîlber û şenga kê yî?
Bihara dilê kê yî?
Barana kîj deştê yî?
Lawo ez Qamişlo me
Şenga warê Şêxo me
Mêvana warê xwe me
Ketime dest zordaran
 
GulalysGulalys द्वारा सोम, 19/08/2013 - 12:42 को जमा किया गया
आख़िरी बार बुध, 23/07/2014 - 06:33 को ltlt द्वारा संपादित
हिंदी में अनुवादहिंदी
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एक सफर

गर्मी में मैं सिंजार चला
एक पुराने अंजीर के पेड़ की तरह
मैंने एक जवान लड़की को देखा
वह उदास थी
मैंने पूछा: तुम कौन हो?
तुम किस घर की बेटी हो?
तुम किस बगीचे का फूल हो?
तुम किस तरह की कोकावेलि हो?
- लड़के मैं कुर्दिस्तानी हूँ
मैं कुर्दों की इच्छा हूँ
मैं शेरो का प्रेम हूँ
मैं अनजानो के हाथों पड़ गई
 
मैं चला, मैं दियारबकी गया
बड़ों और बर्फ के स्थान में
उसकी चीख़ें आईं
घायल, उसका खून बह रहा था
मैंने कहा: तुम किस का तीतर हो?
क्यों बर्फ में हो?
किसके हाथों तुम घायल हो गईं?
किसके हाथों में तुम्हारा खून बह रहा है?
- मैं शेख की दर्द भरी आवाज हूँ
मैं कुर्दिस्तान के लिए एक मुरीद हूँ
मैं अकेली हूँ, सब के बिना
मैं दुश्मनों के हाथों में गिर गई
 
मैं टहलने के लिए महबाद चला गया
एक पेड़ की तरह, मैंने अपने पत्ते खो दिय
बच्चों के हाथों में एक पेड़
वे खिलौना की तरह मुझे कुचल रहे थे
मैंने कहा:तुम कौन सा पेड़ हो?
तुम इस देश के गरीब की तरह हो
उन्होनें सड़कों में तुम्हें घसीटा
तुम्हें बीच में से तोड़ दिया
- लड़के , मैं ध्वज का पेड़ थी
मैं त्शर्तशिरा की जगह में थी
मैं कुर्दों का काबा थी
मैं डरपोको के हाथों में पड़ गई
 
पतझड़ आया, मैं पश्चिम गया
मैदानों और नदियों के पास
मैंने एक ख़ूबसूरत लड़की को देखा
मेरे दिल में उसने एक छड़ी डाली
मैंने पूछा: तुम कौन हो?
तुम किस का सौंदर्य और खज़ाना हो?
तुम किस की वसंत हो?
तुम किस घाटी की वर्षा हो?
- लड़के, मैं क़मिशली हूँ
मैं शेख़ों की भूमि का खज़ाना हूँ
मैं अपनी भूमि की अतिथि हूँ
मैं तानाशाह के हाथों पड़ गई
 
Nazish_qamarNazish_qamar द्वारा रवि, 01/11/2015 - 13:58 को जमा किया गया
montezumamontezuma के अनुरोध के जवाब में जोड़ा गया
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