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हम दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
फ़ौजी बनके रहना है
दुख-दर्द, मुसीबत सहना है
अब फ़ौजी बनके रहना है
दुख-दर्द, मुसीबत सहना है
सुभाष का ये कहना-कहना है
"चलो, दिल्ली चलके रहना है"
अब दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
हम गोली खाके झूमेंगे, मौत को बढ़ के चूमेंगे
मतवाले बन आज़ादी के, हम दरिया, जंगल घूमेंगे
गोली खाके झूमेंगे, मौत को बढ़ के चूमेंगे
मतवाले बन आज़ादी के, हम दरिया, जंगल घूमेंगे
सुभाष हमारा हावी है
ग़ुलामी के तालों की चाबी है
फिर कैसा ख़तरा बाक़ी है
ख़ुदा भी हमारा साथी है
हम दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
फ़ौजी बनके जाएँगे
और दिल्ली को सजाएँगे
फ़ौजी बनके जाएँगे
दिल्ली को सजाएँगे
ज़ालिम फ़िरंगी को नकार
हम नाम-ओ-निशाँ मिटाएँगे
हम दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
दिल्ली-दिल्ली जाएँगे
हम अपना हिंद बनाएँगे
फ़ौजी बनके रहना है
दुख-दर्द, मुसीबत सहना है
अब फ़ौजी बनके रहना है
दुख-दर्द, मुसीबत सहना है
सुभाषका ये कहना-कहना है
"चलो, दिल्ली चलके रहना है"
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